Friday, 20 January 2017

एतबार ए मोहब्बत

तेरी आँखों में आँखें जो डाली
खुदी का दीदार हुआ
दुनियाँ के तिलिस्म को भुलाया
तेरी मोहब्बत में दिल बेकरार हुआ
गुमाँ हुआ तुमसे मोहब्बत है हमें
जिन्दगी को तेरे होने का एतबार हुआ
गार्डन गार्डन हुआ दीवाना दिल
तेरी मोहब्बत भरी महक पे नजरों को इकरार हुआ
तुमसे मिलने हमने जाना
इबादत है मोहब्बत
तुमने दिल के दरवाजे पे दस्तक जो दिल
मोहब्बत में दिल दीवाना मेरे यार हुआ
गोकुल में खोजा तुझे
कुँज गलियों मे ढूँढा
बँस बिरह में तेरी मोहब्बत का दीदार हुआ
आशियाना ए दिल जब झाँका मैने
अपने दिल को गुमाँ फिर एक बार हुआ
तेरी मोहब्बत भरी महक से दिल
चाँदनी की सी शबनमी मोहब्बत
पर दिल को इकरार हुआ
अमृत सागर की मादक मौंजो को
फिर एक बार साहिल की मोहब्बत पर एतबार हुआ !

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव