Sunday, 22 January 2017

अदब

हर किसी के अदब की अदा अलहदा यार होती है
बा अदम निगाहें उनकी खिदमत में झुककर नतमस्तर होती हैं !

हम दिल से खिदमत औ अदब सरकार करतें हैं
उनकी रहनुमाई में सजदा ए सरकार करते हैं !

पाक परवरदिगार से यही इल्तजा मेरी सरकार करते हैं
मोहब्बत हैं जानशीं हैं हम उनकी मोहब्बत का एतबार करते हैं !

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव