हर किसी के अदब की अदा अलहदा यार होती है
बा अदम निगाहें उनकी खिदमत में झुककर नतमस्तर होती हैं !
हम दिल से खिदमत औ अदब सरकार करतें हैं
उनकी रहनुमाई में सजदा ए सरकार करते हैं !
पाक परवरदिगार से यही इल्तजा मेरी सरकार करते हैं
मोहब्बत हैं जानशीं हैं हम उनकी मोहब्बत का एतबार करते हैं !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
No comments:
Post a Comment