नजरों ने कहा दिल से
मिल गई जिसकी थी तलाश
जिसकी मोहब्बत का अहसास
आज वही मेरे दिल के पास
शेफाली महकती हवा
देती संदेश महबूबे मोहब्बत मेरे यार
नूरारी रंगो महताब से
चहकती है जिन्दगी मेरे महबूबे यार
सहराओं की महक कस्तूरी से
मृग वन वन भटकत मेरे सरकार
मोहब्बत की शबनमी महक से
महकती है जिन्दगी मेरा प्यार
मेरी यार चाँदनी पूनम मेरा प्यार
महुए की महक से मदमस्त है
सारी कायनातों फिजा मेरे यार
दिल दुनियाँ महक उठा है
मोहब्बत की मदभरी महक से
मेरे दिलबर मेरे सरकार
अजीमों करीम नेमत है
पाक परवरदिगार की मोहब्बत
जो उसकी नेमत ओ मोहब्बत
मेरी जिन्दगी शबनमी मोहब्बत प्यार !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
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