Tuesday, 24 January 2017

कशिश

तेरी नजरों में कशिश है मोहब्बत भरी
जिन्दगी तुझमें जिन्दगी का दीदार किया मैनें
घायल दिल हुआ बगैर तीरों खंजर के
जिन्दगी तेरी मोहब्बत पर एतबार किया मैनें !

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव