तेरी नजरों में कशिश है मोहब्बत भरी
जिन्दगी तुझमें जिन्दगी का दीदार किया मैनें
घायल दिल हुआ बगैर तीरों खंजर के
जिन्दगी तेरी मोहब्बत पर एतबार किया मैनें !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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