तेरे ही ख्यालों में गुम है
दिल सुबह शाम
आठों पहर जुबाँ पर रहता है तेरा ही नाम
पूनम कहूँ तुझे या शबनमी चाँदनी मेरे यार
मोतियों से दमकती संगेमरमरी मेरी मोहब्बत मेरा प्यार
मरमरी जिस्म की मादक महक से महकती है कायनातों फिजा
आशियाना ए दिल में हरेक पल करता हूँ धडकने दिल हुस्ने यार !
थाम लो तुम दहकती साँसों को पृियतम
तुम्हीं तो हो मेरी मोहब्बत मेरे दिल का एतबार !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
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