Monday, 9 January 2017

मोहब्बत

तेरे ही ख्यालों में गुम है
दिल सुबह शाम
आठों पहर जुबाँ पर रहता है तेरा ही नाम

पूनम कहूँ तुझे या शबनमी चाँदनी मेरे यार
मोतियों से दमकती संगेमरमरी मेरी मोहब्बत मेरा प्यार

मरमरी जिस्म की मादक महक से महकती है कायनातों फिजा
आशियाना ए दिल में हरेक पल करता हूँ धडकने दिल हुस्ने यार !

थाम लो तुम दहकती साँसों को पृियतम
तुम्हीं तो हो मेरी मोहब्बत मेरे दिल का एतबार !

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव