हरेक दिन की कवायद खास होती है
जिन्दगी रब की अरदास होती है
जमाने भर के गम भूलादे खुशियों का दुलार कर
जिन्दगी के हँसी लम्हों का आज दुलार कर
गर कुछ करना ही है जिन्दगी में मेरे यार
जी भरके आदमियत से तू प्यार कर , प्यार कर
सच्चा दोस्त यार बनके दोस्ती पे जिन्दगी तू वार
गर करना है रब की दिली इबादत तू मेरे यार कर !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
जर्रे जर्रे में समाई तेरी मोहब्बत तेरा ही नूर है
मेरे पृियतम साँवरिया इस दिल की धडकन है तू , तूही गुरूर है
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
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मोहब्बत से लबरेज कविताओ का खजाना
साँझ ढले तो आ जाना
अमृत सागर मे डुबकी लगाना चले आना
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