तुम्हारी मोहब्बत की मादक महक से
महक उठी है सनम जिन्दगी यार हमारी
महकी महकी सी है कायनातों फिजा सारी
महकी चहकी सी है यारी जिन्दगी हमारी
तुम्हारी मोहब्बत की मादक महक से
हमने तोड दी है दुनियाँ की सरहदे सारी
मनोहर यादव " अमृत सागर "
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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