Friday, 3 February 2017

महक

आज फिजा महक उठी है तेरे मुस्कुराने से
सहराओ में महक उठी एक तेरे आने से
तेरी मोहब्बत में दिल चहक उठा एक तेरे गाने से
दिल का भँवर करे पुरार यार तेरे मिल जाने से !

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव