मै दिली तौर पर वाकिफ हूँ
इस बात से बहुत मोहब्बत
तुम सनम हमसे करती हो
तडपती हो सिसकती आहें
मेरी मोहब्बत में भरती हो
तुम कहती हो
इतनी मोहब्बत मैं तुमसे नही करता
मेरे महबूब
मैने मोहब्बत नही इबादत की है हुस्नों यार की मेरे दिल की धडकन
मेरे प्यार की
बँधा हूँ मोहब्बत में प्यार में
साँसारिक व्यवहार में
मोहब्बत के सैलाभ में
तुम्हारी हमारी जिन्दगी के मायने
मोहब्बत है जिन्दगी हो तुम
जिन्दगी है मोहब्बत
मोहब्बत ही एतबार है
जिन्दगी हो तुम
जिन्दगी ही तुम्हारी मोहब्बत
तुम्हारा प्यार है
वाकिफ है दिल की हरेक धडकन
तुम्हारी मोहब्बत तुम्हारे प्यार से
तुम्हारी मोहब्बत तुम्हारे इकरार से
मनोहर यादव " अमृत सागर "
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