Saturday, 4 March 2017

मोहब्बत

मै दिली तौर पर वाकिफ हूँ
इस बात से बहुत मोहब्बत
तुम सनम हमसे करती हो
तडपती हो सिसकती आहें
मेरी मोहब्बत में भरती हो
तुम कहती हो
इतनी मोहब्बत मैं तुमसे नही करता
मेरे महबूब
मैने मोहब्बत नही इबादत की है हुस्नों यार की मेरे दिल की धडकन
मेरे प्यार की
बँधा हूँ मोहब्बत में प्यार में
साँसारिक व्यवहार में
मोहब्बत के सैलाभ में
तुम्हारी हमारी जिन्दगी के मायने
मोहब्बत है जिन्दगी हो तुम
जिन्दगी है मोहब्बत
मोहब्बत ही एतबार है
जिन्दगी हो तुम
जिन्दगी ही तुम्हारी मोहब्बत
तुम्हारा प्यार है
वाकिफ है दिल की  हरेक धडकन
तुम्हारी मोहब्बत तुम्हारे प्यार से
तुम्हारी मोहब्बत तुम्हारे इकरार से

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव