Saturday, 18 March 2017

महकती चाँदनी

हम तो दीवानगी के आलम में खो गये
कसम तुम्हारी मोहब्बत में जिन्दगी हम खो गये !

चंदा की चाँदनी ने दिग भृमित हमको किया
रवि के नूरे रूखसार में सरेआम हम खो गये !

पूनम की मादक महकती चाँदनी की राह तकते तकते
आशियाना ए मोहब्बत में जिन्दगी हम खो गये !

दीदारे यार की चाहत दिल में लिये चाँदनी
अमावस्या की स्याह निशा के दामन में हम खो गये !

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव