Monday, 13 March 2017

फगुआ

अब तोहे नाहे छोडू री गुजरियाँ
आज रंगोगों तेरी चोली रे
आज धूम धाग फगुआ की बृज में आज तो खेलेंगें होरी रे !

मस्त भयो मन जब देखी गुजरिया खेलत होरी रे
झूम उठी सब कुँज गलियाँ मथूरा की रंगी रंग होरी के !

मस्त भई बरसाने की गलियाँ केशर के रंग से
झूम उठी गुजर गुजरियन और ग्वालन की टोली रे !

कान्हा की मादक मोहब्बत के रंग रंग गयों बरसानो
बिसिराय दई दिलन की रंजिश और भिगोई दामन चोली रे !

आज कायनातों फिजा रंग गई साँवरिया की मोहब्बत के रंग में
चहु दिशी गुजँत रंग रंगीली फगुआ और गुजरियन ग्वालन की टोली रे !

हेप्पी होली साथियों
मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव