Saturday, 11 June 2016

०६८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


मेरी महबुबे मोहब्बत मेरी हाला मादक लब अनुपम प्याला
साकी बनके आज पियूँगा तेरे लबों से छलकती मादक हाला
मनमस्त आज हो जाएगा जी भरके आज पाएगा मादक हाला
तेरी मेरी जग से न्यारी हम सब को प्यारी  मेरी मधुशाला   

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव