Saturday, 11 June 2016

०६७ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



गर तू चाहेगी मेरे सनम पत्थर निचोड़कर तेरे लिए बनाऊगा हाला
ठुमक ठुमक कर कृतक नाचूंगा कर में लेकर दिव्य अनुपम प्याला
मेरी जिंदगी नाम तेरे  सदियों से सहचरी मेरी आधुनिक मधुशाला
दिलो जान न्यौछावर कर दूंगा तुझपे जग पर मेरी अपनी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव