Sunday, 5 June 2016

०२३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



चाहे क़यामत आये धरा पर रहे न कोई मादक हाला पीने  वाला
तब भी धरा पर अमर अडिग रहेगी मेरी आधुनिक ई मधुशाला
फिर फिर धरती पर आएगा मानव अंजान डगर से मधुशाला
दिल भरके फिर से पिएगा मानव गुंजायमान होगी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव