Thursday, 7 July 2016

१५९ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



अमीर गरीब मिल बैठ के पीते मादक हाला मेरी मधुशाला
नहीं कोई भेद किसी में करती कमसिन अल्हड सुरबाला
सागरमय सतत दौड़ती रहती सबको मिलता प्याले पे प्याला
रूपसी मोहिनी सबको सुखद अहसास कराती मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव