Sunday, 22 November 2015

दिल से

दिल से धडकन को दूर करने की साजिस कर रहे है
लम्हा लम्हा मेरी हरेक साँस थामने की चाहत है तुम्हारी

जो बसी है मेरे दिल की हरेक धडकन मे भला कैसे भुल जाऊ
मेरी महबूब मेरी मोहब्बत मेरी जाने तमन्ना धडकन मेरे दिल की

तेरी मोहब्बत मे अपने आप को यार भुला बैठा हू
कोई आहट भी होती है तो जुबाँ पे तेरा ही नाम आता है

हर घडी हरेक पल तेरे ही ख्यालो मे खोया रहता हू
तेरी मोहब्बत भरी यादो के शाये मे जिन्दगी बसर हो रही है

मोहब्बत मे इन्तहाये इन्तजार का दीदार कर रहा हू
बिन तेरे जिन्दगी खालिस अंतिम सफर यार महसूस होती है

Saturday, 21 November 2015

महक

गुल से महक की जुदाई संभव संभव नही
चाँद से चाँदनी की जुदाई संभव नही
जिस्म से परछाई की जुदाई असंभव
आशिक से महबूबे मोहब्बत की जुदाई
जिस्म से रूह की जूदाई
दिल से यादो की जुदाई
आशिक से तनहाईयो की जुदाई

जितना दूर तुम

जितना दूर जाओगे सनम उतना ही ज्यादा याद आओगे
रात की तनहाईयो के घनेरे साये बनके तडपाओगे
पल पल हरेक पल याद आओगे तुम जितना दूर जाओगे तुम
जो बस गये हो दिल की अथाह गहराइयो मे कैसे उन्हे भुलाओगे तुम
जो बस गये है ख्वाबो और ख्यालो मे सनम उनको कैसे भुलाओगे तुम
जितना कोशिश करोगे भुलाने की सनम उतना ज्यादा याद आओगे तुम
अपनी यादो से भले भुला दोगे तुम दिल से भुला ना पाओगे सनम
छवि जो बस गयी है तस्व्वुर मे तुम्हारे कैसे भला भुलाओगे सनम

तडप

तडप के देख किसी की मोहब्बत मे
तो पता चलगाे कि इंतज़ार क्या होता है,
यु मिल जाए अगर महबूब बिना तडप के,
तो कैसे पता चले के प्यार क्या होता है…

लक्छमी हरेक रिश्ते की जान

लक्छमी हर रिश्ते की जान होती है
मोहब्बत भी लक्छमी पे कुर्बान होती है
गर मेहरबां है लक्छमी तो महबूब शान होती है
गर मेहरबां लक्छमी नही तो महबूब अंजान होती है

आपकी मुसकुराहट

आपकी मुसकुराहट यार दिल से प्यारी है
आँखो से अश्को की दुश्मनी सदियो से जारी है
मोहब्बत और जंग मे सब कुछ जायज है जुमला भारी है
आपसे दूर रहना जैसे दिल से धडकन हो दूर आपकी कसम हमारी लाचारी है

दिल क्यो उदास है

दिल क्यो उदास है
चाँद भी पास है
शबनमी मोती बरस रहे तेरे अंगना
दिल की हरेक धडकन पे तेरा नाम है
तुझे मोहब्बत भरा पैगाम है
चाँदनी आई तेरे अंगना
करीब हो फिर ये तडपन कैसी
बढी हुइ दिल की धडकन कैसी
जिन्दगी की पुकार सुन
अकेले है द्वार जिन्दगी पुकारे मेरे सजना
दिल की धडकन बनी चाहत तेरी
अब तो आजा सजन मेरे अंगना
तूही लय है जिन्दगी की
तूही जिन्दगी की तान है
तूही महबूबे मोहब्बत
तुही मेरे पृान है
तूही दर्दे दिल सनम
तूही दर्दे का मरहम
तूही आरजुये मोहब्बत
तूही औशध रामबान है
दीदारे यार मे
बसत मेरी जान है
सात सुरो की अरदास
बच जाये मेरी जान

जर्रे जर्रे मे

जर्रे जर्रे मे मेरी मोहब्बत का नूर है समाया
लहू के कतरे कतरे से महबूब का नाम आया
कायनात की हरेक शंय मे दीदारे यार किया
अपनी जान से भी ज्यादा मैने प्यार किया है

नवाबो के शहर

नवाबो के शहर की धूल से भी गजल निकलती है
आंधियो के चलने भर से शमां ए मोहब्बत मचलती है
लखनवी गलियो मे रात ढले जब चाँदनी छिटकती है
ऐसे मे आशिको की मोहब्बत सरेशाम निखरती है

लखनवी गलियो मे

लखनवी गलियो मे मचलती हुई मासुको का दीदार करते है
ऐ शमां ए मोहब्बत परवाने तेरे आलम मे जां निशार करते है
पागलपन की हरेक हद से परे मोहब्बत बेशुमार करते है
तुही जिन्दगी है बंदगी भी तूही जां की बाजी खेल तुझसे प्यार करते है

जिन्दगी हरेक पल

जिन्दगी हरेक पल दिल से एतबार जताया हमने
जिन्दगी न जाने क्यो हरेक मोड पे धोका खाया हमने
महबूबे मोहब्बत मे हरेक दर्द को सीने से लगाया हमने
प्यार के दर्द को एक अनोखा अहसास समझ कलेजे मे बसाया हमने

तनहाईयो मे तेरी यादे

तनहाईयो मे तेरी यादे
दिल की हरेक धडकन मे
मस्तिस्क को झकझोर
तेरा अहसास कराती है
तू कही दूर नही
बहुत करीब ही है मेरे यार
दिल की हरेक धडकन
अहसास तेरे होने का
कराती है
तनहाईयो मे तेरी यादे
धमनियो मे बहते रूधिर मे
दौडती है
हरेक कोशिका
मेरे शरीर की तुझे
बस तुझे ही मेरे सनम याद करती है

चाँद की चाँदनी

चाँद की चाँदनी से हँसी है तू जब मुसकुराती है
तुझसे शर्माकर चाँद खुद को मेघो की ओट मे छुपाता है

लो तुम्हारा निकल आया

लो तुम्हारा चाँद भी निकल आया
कुछ फलाहार करो एतबार करो
जी भरके अपने महबूबे मोहब्बत
का दीदारे यार करो एतबार करो
पूरे साल जिस घडी का इन्तजार
बेकरारी से हमने मेरे यार किया
आज करवा चौथ का चाँद बदली
की गोद मे जा दुबका मेरे यार
अब तो आज तक पर ही होगा
मेरे यार चाँद का दीदार

तेरा चाँद तेरे पास है

तेरा चाँद तेरे पास है
फिर क्यो तू उदास है
बात जरूर कोई खास है
इस बात का हमे अहसास है

कर्मो की सजा

हर वक्त अपने गुनाह की सजा पाई मैने
अपने यकीं करने की कीमत चुकाई मैने

गर मेरे सीने मे

गर मेरे सीने मे चार दिल होते
मेरे महबूब चारो दिल तुझे देता
तोड देने को

यु आर वेलकम प्लीज चाँदनी

युआर वेलकम प्लीज
चाँदनी, चाँदनी रात मे
तुम्हारा हाथ होगा चाँदनी
मेरे हाथ मे चाँदनी रात मे
चाँद से टप टप टपकती है
शबनमी मोतियो की माला
चाँदनी चाँद से रात मे
दिल गार्डन गार्डन हो गया
चाँदनी, चाँदनी रात मे
तुमसे पाई मोहब्बत असीम
चाँदनी , चाँदनी रात मे
चाँदनी धरा पे आई
चाँदनी रात मे
चाँदनी फिजा मे छाई
चाँदनी रात मे
चाँदनी ने अमृत सागर मे
डुबकी आज लगाई
चाँदनी रात मे.......
जारी

मेरे महबूब से

मेरे महबूब से
वफा ए मोहब्बत
की उम्मीद अाज भी है
बरकरार
वो कोई परिन्दा नही
जो
पर पंख
निकलते ही भुला देता है
अपना आशियाना यार मेरे
यार मेरे, हो हो हो यार मेरे
हा यही प्यार है
जिन्दगी मे बहार है
उम्मीदो मोहब्बत पे कायम है ये जहां
बांकी बेकार है
यार मेरे यार मेरे यार मेरे

करते है परवाज परिन्दे https://m.facebook.com/amritsagarownsms/

करते है परवाज परिन्दे
आजाद फिजा मे
मचलते है परिन्दे
आजाद फिजा मे
साँझ ढले लौटते है
परिन्दे
अपने जहाज पर
आजाद फिजा से


https://m.facebook.com/amritsagarownsms/

करते है परवाज परिन्दे

करते है परवाज परिन्दे
आजाद फिजा मे
मचलते है परिन्दे
आजाद फिजा मे
साँझ ढले लौटते है
परिन्दे
अपने जहाज पर
आजाद फिजा से

Thursday, 12 November 2015

यादे

तेरी यादो का सिलसिला बदस्तूर जारी है
हरेक पल दिल की धडकनो मे तेरा ही नाम है

इबादत

धडकते हुये दिल की धडकनो से अंजान नही मे
इबादते हुस्न से हैरान नही नूरे मोहब्बत से परेशां नही मे

Tuesday, 10 November 2015

अमावस्या

आमावस्या की स्याह राते बहुत डराती है
एसे मे चाँदनी तुम्हारी बहुत याद आती है
आखिर क्यो मोहब्बत मे ये स्याह राते आती है
तुम्हारी कसम चाँदनी इन काली रातो मे रूह काप जाती है
तनहाईयो मे पवन वेग से आते है काले घनेरे शाये
ऐसे मे महबूबे मोहब्बत तुम्हारी याद दिल को तडपाती है

दर्द है जिन्दगी

जिन्दगी दर्द है मोहब्बत के बिना
मोहब्बत जरुरी है जिन्दगी के लिये
जिन्दगी जरूरी है मोहब्बत के लिये
अम्बर जरूरी है चाँद की चाँदनी के लिये
तुमसी महबूब जरूरी है मोहब्बत के लिये
आशिक जरूरी है आशिकी के लिये
बस एक महबूब जरूरी है मोहब्बत के लिये

दो जिस्म

जिस्म मेरी रूह तुम्हारी है
दिल मेरा धडकन तुम्हारी है
आशिकी मेरी मोहब्बत तुम्हारी है
मेरे यारो कभी मोहब्बत करियो
मोहब्बत लाइलाज बिमारी है

जिन्दगी दर्द है

जिन्दगी दर्द है
बहुत खुबसूरत आरजु है
जुस्तजू भी है जिन्दगी
दिलो का अहसास है जिन्दगी
दिलो का अरमान है जिन्दगी
एक मीठी प्यास है जिन्दगी
मोहब्बत है जिन्दगी
कभी राज है जिन्दगी
सुखद अहसास भी है जिन्दगी
महबूब की मोहब्बत
एक आस है जिन्दगी

चाँदनी का दीदार

अमावस्या मे चाँदनी के दीदार की ख्वाहिश है
धडकते हुये दिल को दीदारे यार की ख्वाहिश है
मोहब्बत मे जवां दिल को महबूब के विश्वास की ख्वाहिश है
तनहाईयो मे सहराओ को जेठ की मूसलाधार की ख्वाहिश है

रचना

दिल को भाती है रचना तुम्हारी
कसम से लगती है बहुत प्यारी
दिल से पूनम हम है आभारी
बिन आपके लगती है बगिया बेगानी

शेर

महबूब के सीने मे धडकता है दिल हमारा
महबूबे मोहब्बत के सीने मे मचलता है बेचारा

रचना

बहुत अच्छा लिखती है चाँदनी
जैसे पूनम का चाँदनी
जैसे महबूब की मोहब्बत
जैसे सोलह सिन्गार
जैसे दिल की धडकन
जैसे आशिको की अनबन
जैसे सागर मे कुमुदनी
जैसे हँसो का जोडा
जैसे उपवन का माली
जैसै महफिल मे कव्वाली
जैसे महबूब का गजरा
जैसे महबूब का महकता हुआ गजरा
जैसे आँखो मे कजरा
जैसे लबो की लाली
जैसे दिल की धडकन
जैसे चँदा की चाँदनी
बहुत खुबसूरत और हसीन महबूबे मोहब्बत

दोस्ती

दोस्ती रब का वरदान होती है
दोस्ती जिन्दगी की शान होती है
दोस्ती मोहब्बत ईमान होती है
दोस्ती मे दिलो जां कुर्बान होती है

अश्को का सा नाता है सनम हमारा तुम्हारा

अश्को का सा नाता सनम तुमसे हमारा
गम हो खुशिया हो चाहे हो तनहाईया ँ
हर वक्त मेरा साथ निभाते है
मेरे अपनो से पहले दिल के करीब आते है अश्क

खुबसूरती का दीदार किया मैने

खुबसूरती टपक रही है बेशुमार
बेकरार दिल को आता है करार
दीदारे यार से जोरो से धडकता है दिल
मिलता है दिले नादां को करता बेशुमार

दिल की धडकन

दिल की धडकन मोहब्बत का सबब यार होती है
धडकते हुये दिल की हरेक धडकन मोहब्बत यार होती है
मोहब्बत मे साथ गुजारे हुये लम्हो का अहसास होती है
महबूब के दिल की धडकन मोहब्बत की प्यास होती है
दिल की हरेक धडकन से दिली हालात बयां होते है
महबूब के मोहब्बत भरे जजबात बयां होते है
मोहब्बत मे महबूब की चाहत भी पूरी यार होती है
सैलाभे अश्क सबब ए मोहब्बत हमेशा ही यार होते है
दिल की हरेक धडकन से निकलते है अल्फाजे मोहब्बत
दिल की धडकनो की साँझ और सुब मोहब्बत यार होती है

बेचेन दिल को तेरी यादो का सहारा है

बेचेन दिल को चाँदनी तेरी ही यादो का सहारा है
बिन तेरे चाँदनी इस दुनिया मे कोई न हमारा है
सारे जमाने के यारो ने सनम कर लिया किनारा है
बेदर्द जमाने मे चाँदनी बिन तेरे अब कोई न हमारा है

नाता है

अश्को का सा नाता है चाँदनी से हमारा
धडकन मेरे दिल की आँखियो का तारा
कभी ना अश्क बनके जाने वो पायेगा
अश्को का सा साथ महबूब निभायेगा

तेरी मोहब्बत पे यकी दिल से करने लगा हू

तेरी मोहब्बत पे यकी दिल से करने लगा हू
सनम तेरी मोहब्बत की चाहत मे जीने लगा हू
मयखाने की मय छोड मोहब्बत की मय पीने लगा हू
मोहब्बते महबूब है सबब ए जिन्दगी यही सोच जीने जीने लगा हू

भुला के जिन्दगी के सारे गम ए सनम मोहब्बत की हाला पीने लगा हू
सैलाभे गम से निकल कर महबूब की धडकन के सहारे जीने लगा हू
महबूब की धडकन से धडकता है नादां ये दिल हमारा
बनाके जिन्दगी का सबब यौवन रस हाला पीने लगा हू

तेरी मोहब्बत

तेरी मोहब्बत पे यकी दिल से करने लगा हू
सनम तेरी मोहब्बत की चाहत मे जीने लगा हू
मयखाने की मय छोड मोहब्बत की मय पीने लगा हू
मोहब्बते महबूब है सबब ए जिन्दगी यही सोच जीने जीने लगा हू

भुला के जिन्दगी के सारे गम ए सनम मोहब्बत की हाला पीने लगा हू
सैलाभे गम से निकल कर महबूब की धडकन के सहारे जीने लगा हू
महबूब की धडकन से धडकता है नादां ये दिल हमारा
बनाके जिन्दगी का सबब यौवन रस हाला पीने लगा हू

न जाने क्यो लोग मोहब्बत को खेल समझते है

ना जाने क्यो लोग मोहब्बत को खेल समझते
दो दिलो के पावन मेल को तिहाड जेल समझते है
अब लोग यहां मोहब्बत नही करते है
फकत दिखावे के लिये मोहब्बत का स्वांग रचते है
ना जाने क्यो लोग मोहब्बत का दम भरते है
हुस्न की चाहत मे आह भरने का स्वांग करते है
जाने क्यो लोग महज दिखावे के लिये मोहब्बत यार करते है
दिल को खिलौना समझकर खेलते है
दिल भर जाने पर नये खिलौनो की तलाश करते है
महबूबे मोहब्बत के दिल से खेलते है मोहब्बत का दम भरते
ना जाने क्यो लोग मोहब्बत यार किया करते है

मेरे महबूब की मोहब्बत रंग लाई है

मेरे महबूब मोहब्बत रंग लाई है
चाँदनी महबूब बनके छाई है
सारी फिजा रौशन है
रब दी कायनात मुसकुराई है

ना जाने क्यो

ना जाने क्यो लोग मोहब्बत को खेल समझते
दो दिलो के पावन मेल को तिहाड जेल समझते है
अब लोग यहां मोहब्बत नही करते है
फकत दिखावे के लिये मोहब्बत का स्वांग रचते है
ना जाने क्यो लोग मोहब्बत का दम भरते है
हुस्न की चाहत मे आह भरने का स्वांग करते है
जाने क्यो लोग महज दिखावे के लिये मोहब्बत यार करते है
दिल को खिलौना समझकर खेलते है
दिल भर जाने पर नये खिलौनो की तलाश करते है
महबूबे मोहब्बत के दिल से खेलते है मोहब्बत का दम भरते
ना जाने क्यो लोग मोहब्बत यार किया करते है

तनहाईयो मे चाँदनी,तुम्हारी बहुत याद आती है

तनहाईयो मे चाँदनी
तुम्हारी बहुत
याद आती है
बहुत याद आती है
तनहाईयो मे दिल को
बहुत तडपती है
सारी रात जगाती है
चाँदनी रात मे
दिल बनके धडकती है यादे तेरी
दिन मे मचलती है यादे तेरी
खौलते पानी सी उबलती
अश्को का सैलाभ बनके
निकलती मोहब्बत भरी यादे तेरी

तुम अंतरयामी

तुम अंतरयामी हो चाँदनी
दिल की बात जान लेती हो
धडकते दिल की आहट महशूस करती हो
मोहब्बत भरे दिल की धडकनो को
दिल से मानती हो
सो स्वीट आफ यु चाँदनी
क्यो बेकरार रहता है दिल
दीदारे यार को
तेरी मोहब्बत को
तेरे प्यार को
तडपता है दिल
दीदार को चाँदनी

दीदारे यार करू कि तुमसे प्यार करू

तुम्हे देखे कि प्यार करे चाँदनी रात मे
दिल की धडकनो पे एतबार करे चाँदनी रात मे
मरमरी जिस्म की मलिका है मोहब्बत हमारी
जनन्ते हूर रब दी सौ जान से प्यारी
मोहब्बत पे बेताब धडकते हुये दिल की कहानी
मेरे महबूब जांनशी जानम दिले नादां हमारी

महबूब को सजदा प्यार का


दिल ने पाया मोहब्बत का पैगाम
कैसे भुलाये मोहब्बत भरी बाते
वो मादक महकती चाँदनी राते
दो धडकते हुये दिलो की मोहब्बत भरी बाते
मचलती हुई मोहब्बत की अनुपम सौगाते
चाँदनी के साये महकती हुई राते
बहकते हुये जजबात मचलती रात
महबूब से मिली मोहब्बत भरी चाँदनी रात

तेरी आवाज तमनना ए जिन्दगी बन गई है

तेरी आवाज ही तमनना ए जिन्दगी बन गई है
मेरी पहली मोहब्बत और दिली ख्वाहिश बन गई है
दिली चाहत आरजुये जिन्दगी तेरी आवाज बन गई है
मोहब्बत मे दिल की महक सुरो के साँचे मे ढल गई है

बहुत याद आती है चाँदनी , चाँदनी रात मे

याद आती है
बहुत याद आती है
तनहाईयो मे दिल को
बहुत तडपती है
सारी रात जगाती है
चाँदनी रात मे
दिल बनके धडकती है यादे तेरी
दिन मे मचलती है यादे तेरी
खौलते पानी सी उबलती
अश्को का सैलाभ बनके
निकलती मोहब्बत भरी यादे तेरी

तेरी यादो ने यारी निभाई चाँदनी रात मे

तेरी यादो ने यारी निभाई चाँदनी रात मे
मेरी महबूब मुसकुराई चाँदनी रात मे
मोहब्बत मे अश्को की दरिया बहाइ
हौले से फिर तेरी याद आई चाँदनी रात मे
तुम्हारी छवि देख शर्माई चाँदनी रात मे
तुम्हारी याद मे बैरन निदिंया ना आई चाँदनी रात मे
रह रहकर फिर मेरे सनम तेरी याद आई चाँदनी रात मे
तुझसे बतियाये कई दिन गुजरे चाँदनी रात मे

जबसे महबूब से हुई मुलाकात हमारी, लगती है हरेक रात सुहानी

महबूब से हुई मुलाकात हर रात सुहानी
अपने हरेक दिन की यार यही कहानी
मचलती चाँदनी रूखसार गुलाबी नुरानी
मोहब्बत मे धडकते प्यार भरे दिल की कहानी

फिर तेरी याद आई चाँदनी रात मे

फिर तेरी याद आई चाँदनी रात मे
चाँदनी फिर फिर तेरी याद आई
चाँदनी चाँदनी रात मे
बहरो ने ली अंगडाइ चाँदनी रात मे
फिजा मुस्कुराई चाँदनी रात मे
अकाश मे कारी कारी छाई चाँदनी रात मे
दिल मे उमंगो ने ली अंगडाइ चाँदनी रात मे
मेरी मोहब्बत चाँदनी की याद आई चाँदनी रात मे
दिल मे यादो के नस्तर तनहाईयो मे चुभने लगे
भँवर उपवन मे गँजन करने लगे
बागो मे कलियो की मोहब्बत मचलने लगी
चाँदनी फिर तेरी याद आई चाँदनी रात मे

दोस्त ी

दोस्ती रब का वरदान होती है
दोस्ती जिन्दगी की शान होती है
दोस्ती मोहब्बत ईमान होती है
दोस्ती मे दिलो जां कुर्बान होती है

रात ख्वाबगाह मे आई चाँदनी

आज ख्वाबगाह मे तेरे होने का अहसास
दिल का द्वार मोहब्बत मे बेकरार
तुम ख्वाब मे जो आये मेरे सनम
दिल की कमसिन कली फूल बन गई

आखिर क्यो

मोहब्बत की सरहद नही होती
दिल देने की कोइ वजह नही होती
क्यो दिलो के जजबात दबाने पडते है
क्यो दिल को ढाढस बंधाना पडता है
क्यो हरेक दिल को प्यार महसूस नही
क्यो सभी को मोहब्बत भाती नही है
क्यो सभी को मोहब्बत रास आती नही है
क्यो दिल ही दिल मे दिल मिलता नही
क्यो जजबात मे मोहब्बत का कमल खिलता नही
क्यो महबूब मिलने पे कभी कभी दिल मचलता नही
क्यो हरेक दिल मे मोहब्बत का कमल खिलता नही
क्यो हरेक दिल मोहब्बत के नग्मे गाता नही
क्यो हरेक गुल फिजा महकाता नही
क्यो मोहब्बत करना सजा यार होती है
क्यो महबूबे मोहब्बत ही आठ आठ आंसू रोती है

फेस बुक मोहब्बत

क्या फेस बुक की मोहब्बत दिल का अरमान होती है
क्या फेस बुक मे कहे गये आय लव यु मे जान होती है
तुम ही कुछ कहो चाँदनी हम तो कुछ सोच भी नही पा रहे
क्या फेस बुक की मोहब्बत वाकई दिनो इमान होती है

फ्लाइट मोड पे चल रही है जिन्दगी

फ्लाइट मोड पर जिन्दगी चल रही है बडी तेजी सी गुजर रही है
फ्लाइट मोड पर बारिस हो रही है जरूरत से पहले बंद हो जाती है
मोहब्बत भी आजकल फ्लाइट मोड पर ही चल रही है होने से पहले टूट जाती है
रात भी कमबख्त फ्लाइट मोड पर ही चल रही है नीद आने से पहले बीत जाती है

मोहब्बत की सरहद

मोहब्बत की सरहद नही होती
दिल देने की कोइ वजह नही होती
क्यो दिलो के जजबात दबाने पडते है
क्यो दिल को ढाढस बंधाना पडता है
क्यो हरेक दिल को प्यार महसूस नही
क्यो सभी को मोहब्बत भाती नही है
क्यो सभी को मोहब्बत रास आती नही है
क्यो दिल ही दिल मे दिल मिलता नही
क्यो जजबात मे मोहब्बत का कमल खिलता नही
क्यो महबूब मिलने पे कभी कभी दिल मचलता नही
क्यो हरेक दिल मे मोहब्बत का कमल खिलता नही
क्यो हरेक दिल मोहब्बत के नग्मे गाता नही
क्यो हरेक गुल फिजा महकाता नही
क्यो मोहब्बत करना सजा यार होती है
क्यो महबूबे मोहब्बत ही आठ आठ आंसू रोती है

धनतेरस

विश यु हेप्पी धनतेरस का त्यौहार
खुशिया आये आपके अपने द्वार
माता जी स्वयं आये आपके द्वार
आपको मुबारक हो यह त्यौहार

चाँद से भी हसी

तुझे मै चाँद नही समझता उससे भी हँसी नूरे नजर है तू
तुझे मै कुमुदनी भी नही समझता उससे भी हँसी पुष्म है तू
तुझे मै कोई गीत नही कहता उससे भी खुबसूरत गजल है तू
मेरे दिल के अमृत सागर मे खिला स्वर्ण कमल है तू
चाँदनी की सी चिर महकती अद्भुद स्वर्णिम गजल है तू
मेरी महबूबे मोहब्बत मेरे दिल मे चाँदनी राजकमल है तू

मेरी खता

ये तो बता दे यार मेरे मेरी खता क्या है
इकरारे मोहब्बत जुर्म है तो उसकी सजा क्या है
ये तो बता दे यार मेरे
दिल है दर्द वही होता है
आशिक महबूब के दिल मे रहता है

खुशियो के दीप जले

दीप जले खुशियो के द्वीप जले
तरणताल मे स्वर्णिम कमल खिले
दीवाली पर दोस्तो की क्या बात करे
दुश्मन भी गले मिले शत्रू भी गले मिले

यु लगा दिल को जैसे हुई चाँदनी पराई
पूनम की रितु हुई खत्म अमावस्या आई

वाकई अमावस्या अब खत्म होने को है
पूनम की चाँदनी की झलक दी दिखलाई

दीप जले दीप जले आई दीपावली आई
खील बताशे माखन मिसरी दिल को भाई
दीप जले दीप जले खुशियो की सुनामी आई
मेरे महबूब की यादो के स्वर्णिम कमल खिले
मेरी महबूबे मोहब्बत पर पडे अमावस्या के साये
न जाने कैसी बेला है.आई पुनम की रितु आई
दीप जले दीप जले आई दीपावली आई

तेरा अहसान

कैसे तेरा अहसास सनम चुकाउँगा
गमो के सहरा से तुम्हे कैसे उबार पाउँगा
तेरी आँखो मे जो सपने है उनपे एतबार है
जो डगर तेरे दर पहँचे उससे मुझे प्यार है
सहराओ के जंजाल एक बस तुही यार है
बाकी बेकार है यार मेरे
जीना दुश्वार है सनम बिन तेरे
पल पल हरेक पल लगता पहाड है
दिल की हरेक धडकन मे बसी है यार तू
मेरे दिल की हरेक ख्वाहिश दिलदार तू
तेरी मोहब्बत फकत चाहत है चाँदनी
मेरा महबूब दिल मेरी जान है अरमान है
कैसे कटेगे दिन कैसे कटे्गी राते
पल पल हरेक पल याद आती है बीती बाते

चाँदनी

चाँदनी तुम जानती हो तुमसे मोहब्बत का शबब ये शेरो शायरी हमारी है
तुम्हारी मोहब्बत अमृत सागर की रौनक तुम्हारी यारी जान से प्यारी है

पूनम की चाँदनी

गर अम्बर मे पूनम की चाँदनी का दीदार न होगा
कैसे भला लोगो को अमृत सागर की मोहब्बत पे एतबार होगा

अमावस्या

हम अमावस्या को भी ह म चाँदनी का ही दीदार करते है
यकीन हम कीजिये चाँदनी बेइन्तहा मोहब्बत यार करते है
तेरी उल्फत मे जीते है तेरी उल्फत मे ही मरते है
यकीन दिल से करती है महबूबे मोहब्बत हमारी चाहत मे चाँदनी की आहे भरते है

तुम्हारा गीत

आज तुम्हारा गीत सुनकर एतबार दिल को आया है
एक अच्छा दोस्त बडे नसीब से यार हमने पाया है
खुदा की खुदाई पर यकीं आज दिल को आया है
खास मेरे लिये परवरदिगार ने मेरे महबूब तुम्हे बनाया
एक अजीब सी कशिश तुम्हारी आवाज मे हमने पाई है
इतनी मीठी सुरीली आवाज रब की ख्वाहिश से पाई है
जमाने की ख्वाहिश है आवाज तुम्हारी नही सिर्फ तुम्हारी
रब के खातिर न छुपाओ इसे मेरे मेरे यार करो खुद पे यकीं
बहुत सुरीली आवाज दिल को मेरे सनम भाई है

दीपावली

इस युक्ती से दीप जलाओ
चिराग तले अंधेरा मिटाओ
मन के सब भेदभाव भुलाकर
दुश्मन को भी गले आज लगाओ

रौशनियोत्सव दीपावली पर दीप जलाओ
दीप जलाओ दीप जलाओ आज दीवाली रे
सब मिल जुलकर मोहब्बत के नग्मे गाओ
खील बताशे और मिठाईयाँ सबको खिलाओ

दीपोत्सव

आज दीपोत्सव पे रौशन सारा जहां है
जमी तो जमी यारो रौशनी से रौशन आसमां है
महर बरसेगी आज लक्छमी की पूरे होंगे दिली अरमान
खुशियो की ख्वाहिश करो पाओगे खुशिया अपार
लक्छमी खुद चलकर आज आयेगी मेरे महबूब तेरे द्वार
खुशियो की हरेक आज बधाई देगा
अमावस्या को भी मुकददर से चाँद दिखाइ देगा

Sunday, 8 November 2015

चाँदनी की रचना

पृियतम चाँदनी आपकी रचनाये
बेहद लाजवाब यार होती है
जैसे सीप मे छुपा मोती है
जैसे दीपक मे समाहित ज्योति है
जैसे अमृत सागर का दिव्य पानी है
कुदरत की मोहब्बते शुमार है
आपकी रचनाये सागर की धार है
सच मानिये नव वधु का सोलह सिन्गार है
सावन की घटाओ की रिमझिम है
जेठ की मूसलाधार है
मोहब्बते महबूब के दिल की धडकन
कृतक मनोहर यादव का प्यार है

चाँदनी के सीने मे धडकता है दिल हमारा

चाँदनी के सीने मे धडकता है दिल हमारा
कहने को जिस्म महबूब का मन है हमारा
एक दूजे के बिना एक भी जीना नही गवारा
मेरा महबूब हमको अपनी जान से है प्यारा

बेहद दर्द है आपके गीत मे

बेहद दर्द है आपके गीत मे
न कोई शिकवा न शिकायत
बस नसीब की हिमाकत है
दिली आरजु है जुस्तजु है
मोहब्बत की धार है
मेरे यार हमे तेरी आवाज से
और तुझसे बेहद प्यार है
चाँदनी एक तुही जमाने मे
मेरा प्यार है मेरा यार है
बिन तेरे सनम जीना बेकार है

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव