Saturday, 28 May 2016

दुश्मनी बीज नही, फिर भी, बोयी जाती है!

दुश्मनी बीज नही, फिर भी, बोयी जाती है!
होठ कपड़ा नही, फिर भी, सिल जाते है!
किस्मत सखी नहीं, फिर भी, रुठ जाती है!
बुद्वि लोहा नही, फिर भी, जंग लग जाती है!
आत्मसम्मान शरीर नहीं, फिर भी, घायल हो जाता है!
और,इन्सान मौसम नही, फिर भी, बदल जाता है!…..

बेटी को चांद जैसा मत बनाओ कि हर कोई घूर घूरकर देखे

  • बेटी को चांद जैसा मत बनाओ कि हर कोई घूर घूरकर देखे…. किंतु बेटी को सूरज जैसा बनाओ ताकि घूरने से पहले सबकी नज़रें झुकजाएं….

ज़्यादा कुछ नहीं बदला ” उसके और मेरे ” बीच में पहले नफरत नहीं थी और अब ” प्यार ” नहीं है।

  • ज़्यादा कुछ नहीं बदला ” उसके और मेरे ” बीच में पहले नफरत नहीं थी और अब ” प्यार ” नहीं है।
  • खुश रहने के लिए सबसे पहला काम ये करो कि. …. लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे ये सोचना छोड़ दो
  • पैसे वालों का आधा पैसा तो ये जताने में चला जाता है कि वो भी पैसे वाले है
  • एक कब्रिस्तान के बाहर लिखा था – सैकड़ों दफ़न है यहाँ … जो सोचते थे कि दुनिया उनके बिना नहीं चल सकती।

ज़िन्दगी कभी आसान नहीं होती ..

  • ज़िन्दगी कभी आसान नहीं होती .. उसे आसान बनाना पड़ता है… कुछ नज़रअंदाज़ करके कुछ बर्दाश्त करके
  • इस दुनिया के सभी लोग आपके लिए अच्छे हैं बस शर्त ये है कि ” आपके दिन अच्छे होने चाहिए ”

दीवानगी‬💕 के लिए ➟तेरी गली

  • दीवानगी‬💕 के लिए ➟तेरी गली 🚶 🏼मे आते हैं ऐ दोस्त ➟वरना 🚴🏻 ‪‎आवारगी‬ के लिए सारा शहर⇨ पड़ा है।
  • हमारे कर्मों की आवाज़ हमारे शब्दों से ज्यादा ऊँची होती है

” मौन ” रहकर जो कहा जा सकता है वो ” शब्दों ” से नहीं और जो ” दिल ” से दिया जा सकता है वो ” हाथों ” से नहीं

  • ” मौन ” रहकर जो कहा जा सकता है वो ” शब्दों ” से नहीं और जो ” दिल ” से दिया जा सकता है वो ” हाथों ” से नहीं
  • लम्बी ज़ुबान और लम्बा धागा हमेशा उलझ ही जाते हैं … समस्या से निपटने के लिए धागे को लपेट कर और ज़ुबान को काबू में रखें।

मेरे बाद किसी और को हमसफ़र बनाकर देख लेना

  • मेरे बाद किसी और को हमसफ़र बनाकर देख लेना .. तेरी ही धड़कन कहेगी कि उसकी वफ़ा में कुछ ओर ही बात थी।

बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।

  • बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।
  • दो चार लफ्ज प्यार के लेके मैं क्या करू…”देनी है तो…” वफ़ा की मुकम्मल किताब दे “
  • क्रोध आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती बल्कि शांत होकर चुप रहने में लगती है।
  • ये तो अच्छा है कि ” दिल ” सिर्फ सुनता है … अगर कहीं बोलता होता तो ” क़यामत ” आ जाती।।

बिखरा वज़ूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ …. कितने हसींन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत।

  • बिखरा वज़ूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ …. कितने हसींन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत।
  • जरूरी तो बहुत है ईश्क जिन्दगी मे मगर … ये जानलेवा जरूरत भगवान किसी को न दें…
  • एक उसूल पर गुजारी है जिंदगी मैंनें.. जिसको अपना माना उसे कभी परखा नही..

Thursday, 19 May 2016

रात कविता सपने आई

रात कविता सपने आई
देने लगी मोहब्बत की दोहाई
पृियतम तोहे नींद कैसे आई
तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई

Tuesday, 17 May 2016

प्यार खुश्यों का पैगाम है

प्यार खुश्यों का पैगाम है
प्यार मीठा सा इक जाम है
प्यार जीने की उम्मीद है
प्यार जीवन का इक नाम है
प्यार करके तो देखो कभी
प्यार है very very easy

तडप

तडप

तडप के देख किसी की मोहब्बत मे,
तो पता चलेगा कि इंतज़ार क्या होता है,
यु मिल जाए अगर महबूब बिना तडप के,
तो कैसे पता चले के प्यार क्या होता है…

प्यार सूरज की उगती किरण

प्यार सूरज की उगती किरण
प्यार साहिल की ताज़ा पवन
प्यार नगमा कोई खास है
प्यार नाज़ुक सा एहसास है
प्यार की इक अलग शान है
प्यार की अपनी पहचान है
कौन कहता है गुम्नाम है
प्यार खुश्यों का पैगाम है
प्यार मीठा सा इक जाम है
प्यार जीने की उम्मीद है
प्यार जीवन का इक नाम है
प्यार करके तो देखो कभी
प्यार है very very easy

my heart is made to luv you,

my heart is made to luv you,
my lips are made to kis you,
my eyes are made to see you,
my hands are made to hold you,
every part of me wants you, maybe
because i am made just for you!!

बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला

 बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला
आया छोरा मोर मुकुट वाला
बजाये बाँसुरी श्रीकृष्ण हमारा
नाचूँ मगन नाचे वृंदावन सारा
राधा प्रेमी मीरा भी गोपाला
गोपियाँ पुजारन तेरी गोपाला...

शरण में आये हैं हम तुम्हारी

शरण में आये हैं हम तुम्हारी

दया करो हे दयालु भगवन .

सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी

दया करो हे दयालु भगवन ..

 हम में बल है  हम में शक्ति

 हम में साधन  हम में भक्ति .

तभी कहाओगे ताप हारी

दया करो हे दयालु भगवन ..

MERI E MADHUSHAALA-2@ DHARANGA MELA.COM KI TUM HO SURABAALA

MERI E MADHUSHAALA-2@ DHARANGA MELA.COM KI TUM HO SURABAALA 
TUHI KAMASIN ALHAD BAALA VISHAVAMOHAMINI CHHALAKATE YAUVAN KI
TUM AMRITSAM SAAGARAMAY DIVY AALUKIK MAADAKTAM HAALA 
RUPASI NAZUK MERI PRIYATAM MERE DIL KI MALIKA JANNATE HUR SURABALA.

ek nanhi kali

 

aaj bahaq uthi hai fiza bahaq uthi hai kayanaat

aaj bahaq uthi hai fiza bahaq uthi hai kayanaat
tera intazar hai kal khwabgaah me machale the arama dil ke jindagi ko gale lagane ke talabagar the jindagi bahut khubsurat lagati hai jis din se kiya tera didar hai jindagi ki pahali khwaish hai tu ab to dhadaklate dil ko mere mahabub sirf tera intazar hai

अपनी आंखो मे समंदर समाये बैठे है

अपनी आंखो मे समंदर समाये बैठे है आशिक की मोहब्बत को जिन्दगी बनाये बैठे है गर महबूब मोहब्बत को न पा सके जिन्दगी लुटाने का मन आपकी सौ बनाये बैठे है

मोहब्बत का जोशो जुनून सिर पे सवार नजर आता

मोहब्बत का जोशो जुनून सिर पे सवार नजर आता हरेक संय मे महबूब का साया नजर आता महबूब की हरेक अदा मे मोहब्बत का सैलाभ नजर आता महबूब की मोहब्बत मे खुशियो का भंडार नजर आता

aj machal rahi hai fiza

aj machal rahi hai fiza tera intazar hai kal khwabgaah me machale the arama dil ke jindagi ko gale lagane ke talabagar the jindagi bahut khubsurat lagati hai jis din se kiya tera didar hai jindagi ki pahali khwaish hai tu ab to dhadaklate dil ko mere mahabub sirf tera intazar hai

adhakhili kali

मोहब्बत का रिश्ता

मोहब्बत का रिश्ता

रिश्तो मे मोहब्बत के लिये ये नजदिकियाँ जरूरी है
मोहब्बत रिश्तो मे कायम रहे इसके लिये लक्छमण रेखा भी जरूरी है
रिश्तो मे उम्मीद जरूरी है रिश्ते कायम रखने के लिये यार
चाहे हमारी उम्मीदे भले ही टूट जाये लेकिन मे मजबूती रहे सदा ही बरकरार
फलती फूलती रहे दिलो के दर्मिया मोहब्बत और यारी रहे बेशुमार

आन्धियो के चलने से

मुक्तक 1

 आन्धियो के चलने से परीन्दओ के नीड उजडते है 

बाग मे कालियो के खिलने से भवरो के दिल मचलते है 

2 खुद की पराछियो से ही अब वो डरने लगे है 

अपने हाथ मे खंजर लिये पराछियो से ही लडने लगे है 

फिजां इतनी बोझल क्यूं है..

फिजां इतनी बोझल क्यूं है..

फिजां इतनी बोझल क्यूं है.. ख़्वाब निगाहों से ओझल क्यूं है.. मौत से मिलने की तलबगार है.. ज़िन्दगी इतनी बेकल क्यूं है.. सही गलत की परख नही है.. ख़्वाहिशें इतनी चंचल क्यूं है.. चेहरे मासूमियत से भरे हैं.. दिलों मे इतना हलाहल क्यूं है.. सूकून भी सूकून नही देता.. बेचैनी से भरा हरपल क्यूं है.. अहंकार से लबालब है हर शख्स.. फिर हालात इतने निर्बल क्यूं है.. जब आखिरी अंजाम मिट्टी का मिट्टी है.. फिर हर इंसान पत्थर दिल क्यूं है

बीती शब ख्वाबगाह मे मेहबूब से मुलाकात हो गइ

बीती शब ख्वाबगाह मे मेहबूब से मुलाकात हो गइ

बीती शब ख्वाबगाह मे मेहबूब से मुलाकात हो गइ दिल ही दिल मे दिल से दिल की हरेक बात हो गई अमावस्या के पखवाडे मे चांदनी रात हो गई सावन के सुहाने मौसम मे महबूब से मुलाकात हो गई

करते है परवाज परिन्दे

करते है परवाज परिन्दे

करते है परवाज परिन्दे
आजाद फिजा मे
मचलते है परिन्दे
आजाद फिजा मे
साँझ ढले लौटते है
परिन्दे
अपने जहाज पर
आजाद फिजा से

तूही दर्दे दिल है सनम

तूही दर्दे दिल है सनम

तूही दर्दे दिल है सनम
दिली अहसास भी तूही है
धडकन है दिल की मेरे
एक चाहत एक प्यास भी तूही
मै जिस्म तूही रूह पिया
तुझ बिन धडके कैसे जिया
तुझ बिन लागे न मोरा हिया
अब तो आजा बलम परदेशियाँ
ऐक तेरी मोहब्बत मे धडके जिया
अब तो आजा बलम परदेशियाँ
तुझसे दूरी का अहसास हमको पिया
फिर भी न माने पागल हिया
तेरी चाहत तेरी मोहब्बत आरजुये जिन्दगी
तेरी उल्फत बनी सबब ए मोहब्बत

Monday, 16 May 2016

जिन्दगी का हँसी गीत है मोहब्बत हमारी, परवरदिगार की कायनात में सबसे हँसी और बहुत प्यारी.


मेरी मोहब्बत जिन्दगी का हँसी गीत है
मेरे हसीन कातिल लबों पे तेरा ही नाम है
तेरे सदके महबूबे मोहब्बत को मेरा सलाम है
मेरी मोहब्बत मेरी दुआयें सब तेरे ही नाम है
मेरी मोहब्बत ने इस युग में रंग दिखाया है
दुआयें बन के मेरा महबूब यम से टकराया है
मेरी मोहब्बत हिना का सा गहरा रंग लाई है
मेरे महबूबे मोहब्बत ने नयी जिन्दगानी पाई है
पाक परवरदिगार को मेरी मोहब्बत का एतबार आया है
सच्ची मोहब्बत का दामन रब ने आज महकाया है
आशिक की दुआयें रब की फरियाद रंग लाती है
महबूबे मोहब्बत की जिन्दगी खुशियों से भर जाती है

पलाश के शबनमी


पलाश के शबनमी पुष्पों ने धरा की मांग सजाई है
शेफाली की महक ने कायनातो फिजा महकाई है
जन्नते हूर रम्भा ने धरती पर आज आकर
अपनी उपस्थिती वसुन्धरा की गरिमा बढाई है

हर हाल में जिन्दगी जिये जाना

हर हाल में जिन्दगी जिये जाना तुम
तनहाइयों से दामन बचाना तुम
यारी मोहब्बत में गरल पिये जाना
तनहाइयों को सिरे से भुलाना तुम
जिन्दगी अनमोल तोहफा है
पाक परवरदिगार दिगार का यारों
हँसते हँसते कठिनाईयों को भुलाना तुम
मोहब्बत ही जिन्दगी है जिन्दगी का  मकसद मोहब्बत बनाना तुम

तेरी हँसी यादों के सहारे

तेरी हँसी यादों के सहारे जिये जा रहाँ हूँ मैं
गरल जमाने भर का हँसते हँसते पिये जा रहाँ हूँ मैं

एक महकती हवा का झोका है जिन्दगी
ये सोच कर तेरी यादों के सहारे जिये जा रहा हूँ मैं
बिन तेरे जिन्दगी सहराओं की मृग मरिचिका सी लगती है
तनहाइयों के दामन में तेरी यादों को दिल के करीब पा रहाँ हूँ मैं

बडी हँसी है यादें तेरी तुझको करीब पा रहा हूँ मैं
तेरा साया सदा ही अपने करीब बहुत करीब पा रहाँ हूँ मैं

जिन्दगी जिन्दादिली का नाम फकत होती है
कदम कदम पे ये अहसास कमबख्त जमाने को दिला रहाँ हूँ मैं

मोहब्बत का एक हँसी जाम

मोहब्बत का एक हँसी जाम काफी है
जो गुजारी तेरे संग जिन्दगी की वो हँसी शाम काफी है

मोहब्बत का एक पल सदियों के मानिंद यार होता है
बिन मोहब्बत के जिन्दगी सहराओं में व्यापार होता है

सारे जहाँ की खुशियों से

जहाँ की खुशीयों से तेरा दामन सजाउँ मैं
मेरी पहली मोहब्बत आखिरी ख्वाहिश है तू
दिल के आशियाने में तुझे बसाउँ मैं
बंद आँखों से भी तेरा ही दीदार करूँ
बेशुमार मोहब्बत तुझसे मेरी सरकार करूँ
दिल कहता है तेरा एतबार करूँ
उनमुक्त गगन में तुझसे प्यार करूँ
माँ की मानिंद तेरे आँचल में छुप जाउँ
कदम के पेड पे यमुना तीरे गोपियों के वस्त्र छुपाउँ
जहाँ को मोहब्बत का संदेशा दू
मोहब्बत की महक की महक से जहाँ महकाउँ
गोकुल की गोपियों की मटकियाँ फोडू
गुजरियों के घर से माखन चुराके सखाओं के ढिंग बैठ के खाउँ
कान्हा की मानिंद कलयुगी कालियाँ का दमन करूँ
राधिका की मोहब्बत कलयुग में पाउँ
जिन्दगी तेरी मोहब्बत में सर अपना झुकाके
मोहब्बत के नगमों से फिजा आज महकाउँ
जिन्दगी तेरी बाहों में बिन्दास समाउँ

मेरी गजल भी तूही

मेरी गजल भी तूही , तूही मेरा शबनमी गीत
तूही जिन्दगी की रीत सनम तूही मनभावक संगीत

जिन्दगी की सुरीली भोर तूही, तूही जिन्दगी की डोर
तूही जिन्दगी का राग सनम, तूही जिन्दगी का गीत

कभी तुमने सोचा है

कभी तुमने सोचा है
एक अदद
नन्हा सा दिल हमारा भी है
शीशे का नहीं
पत्थर का नही
ना मोम का है दिल हमारा
इसे भी चोट लगती है
हमें भी अहसास होता है
कभी तुमने सोचा है
कभी कोशिश की है तुमने दिल में झाँकने की हमारे
चोट पे चोट ये सहता है
कभी उफ तक नही करता है
तुम्हारा दिल बहुत सुकोमल है
जाने अनजाने आहत हो जाता है
क्या हमारे दिलों की बनावट में रब ने फर्क किया है
नहीं
मै कैसे कर सकता हूँ
यू भी आशिको का दिल एक यार होता है
तभी तो मोहब्बत होती है
तभी तो प्यार यार होता है
मोहब्बत यकीनन दिलों के दर्मिया विश्वास का रिश्ता यार होती है
तभी तो मोहब्बत करने वालों की रूहें तक एक हो जाने को बेकरार होती है

मोहब्बत का सागर

मोहब्बत का सागर है अमृत सागर
मोहब्बत की मौंजे है सागर का प्यार
मोहब्बत ही साहिल मोहब्बत एतबार
तुम्ही मेरी जिन्दगी , मोहब्बत हो तुम्ही
तुम्ही जिन्दगी का मकसद , तुम्हीं जिन्दगी का एतबार
सागर के दिल की सागर अमृत सागर मेरे यार
सागर का जिस्म सागर की रूह
सागर की मोहब्बत, सागर का एतबार
अमृत सागर की मौंजे और साहिल का दुलार
अमृत सागर ही कश्ती, अमृत सागर ही जिन्दगी का एतबार.

पहली नजर में

पहली नजर में दिल में वो उतर गयें
चंद पलों में घायल दिल को कर गयें

सरे राह तीरे नजर से घायल कर गयें
आशियाना ए दिल में घर वो कर गयें

जिन्दगी के उपवन में कुमुदनी बन खिल गये
सरे राह चलते चलते मेरे महबूब मिल गयें

जिन्दगी के सागर की मौंजे बनकर ठहर गयें
साहिल पे होकर भी "सागर" वो किनारा कर गयें

मोहब्बत बनके नजरों में वो बस गयें
फरियाद बनकर सागर की जिन्दगी में जम गयें

हरेक शाम जिन्दगी का

हरेक शाम जिन्दगी का हँसी पैगाम लाती है
चाँदनी शबनमी मोतियों की चादर बिछाती है

शेफाली की महक निशा को मादक बनाती है
रूपसी बाला की मादक हाला रात का यौवन बढाती है

चँदा की चाँदनी में मोहब्बत क्या खूब खिलती है
भादों के मेघों में ज्यों बिजूरिया मचलती है

भोर के आँगन में नन्हीं कुमुदनी खिलती है
अंजान डगर के परदेशी भँवर की बाहों में मचलती है

यौवन की दहलीज पर पल पल हरेक पल निशा रंग बदलती है
परदेशी अंजान डगर की बाहों में कुमुदनी फूल बनके निखरती है

बहुत खुबसूरत और बहुत प्यारी हो तुम

तुम बहुत खुबसूरत और बहुत प्यारी हो
लगती हो जन्नते हूर की सी राजकुमारी है
तुम्हारी महक से महक रहा जमी और आसमाँ है
तुम्हारी यारी पर यारों का दिल कुर्बान है

शबनमी चाँदनी रात मे

शबनमी चाँदनी रात में मोहब्बत तुम्हारी पाना चाहता हूँ
दिल के आशियाने मे तुमको बसाना चाहता हूँ
सावर की मादक रिमझिम मे प्यार तुमपे लुटाना चाहता हूँ
बाद मुद्दत के आज फिर मुस्कुराना चाहता हूँ
तुम्हारी हमारी मोहब्बत से कायनातो फिजा महकना चाहता हूँ
तुम्हे पाने की खातिर हरेक हद से गुजर जाना चाहता हूँ
दिल के आशियाने में तुम्हे सदा के बसाना चाहता हूँ
ए मोहब्बत की देवी नूरे नजर मोहब्बत तुमपे लुटाना चाहता हूँ
बाद मुद्दत के आज फिर मुस्कुराना चाहता हूँ
नजरों के मानिंद दिल की हरेक धडकन बनाना चाहता हूँ

तुम्हारी मुस्कुराहट से

तुम्हारी मुस्कुराहट से मुस्कुराता है जमाना
एक न एक दिन तुम्हे धरती पे पडेगा आना
तुम्हारी मोहब्बत से आज भी महक रहा है जमाना
जिन्दगी की चाहत तुम्ही हो कन्हैया ये मैने है जाना

अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है

Friends aabhar please join amritsagar
मोहब्बत से लबरेज कविताओ का खजाना
साँझ ढले तो आ जाना
अमृत सागर मे डुबकी लगाना चले आना

https://m.facebook.com/amritsagarownsms/

तेरे नूर से रौशन

तेरे नूर से रौशन है कायनातों फिजा सारी
तुम्ही ख्वाहिशे दिल तुम्ही से दुनियाँ हमारी
तुम्हारी नजरों सूरज चँदा कोटी अम्बर के तारे
सदियों से चाहते दिल हो हमारी मनमोहन प्यारे

अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है

Friends aabhar please join amritsagar
मोहब्बत से लबरेज कविताओ का खजाना
साँझ ढले तो आ जाना
अमृत सागर मे डुबकी लगाना चले आना

https://m.facebook.com/amritsagarownsms/

पपीहे की पीहू पीहू

पपीहे की पीहू पीहू महबूबे मोहब्बत की याद दिलाती है
दिल में अगन लगाती है
पपीहे की पीहू पीहू दिल की धडकन बढाती है
तनहाइयों में बहुत सताती है
पपीहे की पीहू पीहू तुम्हारी मोहब्बत का सबब बन जाती है
रह रह कर तुम्हारी याद दिलाती है
पपीहे की पीहू पीहू बनकर महबूब मोहब्बत की महक से फिजा महकाती है
दिल के आशियाने में बस जाती है

तुमसे मिलकर

तुमसे मिलकर बेकरारी में करार आया
तुम्ही हो
जिसमें जिन्दगी को मोहब्बत की महक से महकाया
तनहाइयों के आलम में डूबे हुये कृतक अंजान को नई राह दिखाई
वो तुम्ही हो मेरे महबूब
जो मेरी जिन्दगी में मोहब्बत की महक बनके आई
तुम्हारी खुदाई में परवरदिगार की सहमति मैने पाई

जिन्दगी बनके

जिन्दगी बनके मेरी जिन्दगी में आई वो
बहार बनके मेरी जिन्दगी में मुस्कुराई वो
आइने में खुद का दीदार करके छुई मुई सी लगाई वो
सामने आते ही नजरों ही नजरों में दिल में समाई वो
जिन्दगी का सबब बनके मन ही मन मुस्कुराई वो
शेफाली की मादक महक बनके फिजा में समाई वो
जन्नते हूर रूपसी बाला बनके धरा पे आई वो

Sunday, 15 May 2016

खामोश मोहब्बत की एहसास है वो

खामोश मोहब्बत की एहसास है वो

मेरे ख्वाहिस मेरे जज़्बात है वो 

अक्सर यह ख्याल आता है दिल में 

मेरी पहली खोज और आखरी तलाश है वो.


Khamosh Mohabbat Ki Ehsaas Hai Wo,

Mere Khwahis, Mere Jajbat Hai Wo,

Aksar Yeh Khayal Ata Hai Dil Me,

Meri Pehli Khoj Aur Akhri Talash Hai Wo.


वो कहते हैं कि सारी रात

वो कहते हैं कि सारी रात आप हमे सोने नहीं देते 
हम कहते है कि आपका नूर ही ऐसा है के आप हमारी रात होने ही नहीं देते

Wo kahte hain ke saari raat
aap hume sone nahi dete,
hum kehte hai ke aapka noor hee aisa hai
ke aap hamari raat hone he nahi dete





दिल से लिखी बातें दिल को छू जाती है

दिल से लिखी बातें दिल को छू जाती है यह अक्सर अनकही बात कह जाती हे कुछ लोग दोस्ती के मायने बदल देते है और कुछ लोगो की दोस्ती से दुनिया बदल जाती है

Dil Se Likhi Baate Dil ko Chhu jati hai,
Yeh aksar unkahi baat keh jati he, 
kuch log dosti ke mayne badal dete hai, 
Or kuch logo ki dosti se duniya badal jati 



Saturday, 14 May 2016

कामयाबी हौसलों से मिलती है

"कामयाबी हौसलों से मिलती है और होसले दोस्तों से मिलते है और 

दोस्त मुकरों से मिलते हैं और मुक़दर इंसान खुद बनता है"

बेशक अपनी हर चीज़ " दोस्त "


बेशक अपनी हर चीज़ " दोस्त " के लिए क़ुर्बान करदो .. लेकिन .. किसी चीज़ के लिए अपने " दोस्त " को कुर्बान मत करना

Friday, 13 May 2016

तेरी गलियों की डगर दिल को भाने लगी है

तेरी गलियों की डगर दिल को भाने लगी है
ख्वाबों और ख्यालों में भी तू ही नजर आने लगी है
तेरे आने की आहट का अहसास मादक हवा दिलाने लगी है
अब तो मेरे हमदम हरेक संय में तू ही तू नजर आने लगी है
पल पल हरेक पल तेरी याद सनम सताने लगी है
जिन्दगी में तेरी जरूरत हद से ज्यादा नजर आने लगी है
दिली ख्वाहिश और आरजुये जिन्दगी है मेरे
हरेक पल जिन्दगी ये खुबसूरत अहसास दिलाने लगी है
तेरी महक से महकती है कायनात और फिजा रब दी
मेरी जिन्दगी को महका दे तेरी याद ख्वाबगाह में भी सताने लगी है

कृतक की कृति

कृतक की रचना आईना ए दिल यार होती है
शेफाली की मादक महक हवा से दो चार होती है
यू तो चाँद से ही होती है चाँदनी इस जहाँ में मेरे यार
आशिकी रब की इनायत और इबादत यार होती है

अच्छे दोस्त चाँद की चाँदनी सम यार होते है

अच्छे दोस्त चाँद की चाँदनी फकत यार होते है
मोहब्बत में महबूब की दिली ख्वाहिश और एतबार होते है
कभी न कभी, किसी न किसी मोड पर दो चार होते है
लाख छुपाओ छुपती नही शबनमी चाँदनी सनम
चाँदनी की मादक महक कायनात का एतबार होती है

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव